मेरे खून के हर कतरे में देश प्रेम समाया है ।
उठो वीर आयुध संभालो रक्त फाग अब आया है ।
तीर तूणीर स्कंध धरो , युद्ध का बिगुल बजाओ
ले विजय भारती संकल्प , शत्रु को धूल चटाओ
टूट पड़ो आफत बनकर भीषण संग्राम मचाओ
दुनिया देखेगी हमने कैसे अपना फर्ज निभाया है ।
मेरे खून के हर कतरे में देश प्रेम समाया है ।
उठो वीर आयुध संभालो रक्त फाग अब आया है ।
जन मानस को राष्ट्र भक्ति का अब अमृत पिलाना है
देवों की पंक्ति से जबरन दैत्यों को हटाना है
आस्तीन के सांपों को भी तीखा सबक सिखाना है।
भीतर बैठे गद्दारों ने बड़ा उत्पात मचाया है
मेरे खून के हर कतरे में देश प्रेम समाया है ।
उठो वीर आयुध संभालो रक्त फाग अब आया है ।
अब सीता का हरण न होगा द्रोपदी शस्त्र उठाएगी
हर नारी कटी बांध कटार रानी झांसी कहलायेगी
चमकेगी तलवारें जब शत्रु की शामत आएगी
प्रेम की इस बाँसुरिया ने मौत का राग सुनाया है ।
मेरे खून के हर कतरे में देश प्रेम समाया है ।
उठो वीर आयुध संभालो रक्त फाग अब आया है ।
भगवान सिंह रावत (दिल्ली
(सर्वाधिकार सुरक्षित)
Thursday, September 28, 2023
देश प्रेम
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