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Sunday, March 3, 2013

तुम भी बदल गए तो क्या

तुम भी बदल गए तो क्या 


मौसम बदला दुनिया बदली तुम भी बदल गए तो क्या ,
चकाचौंध के अंधे दौर में आगे निकल गए तो क्या,
मौसम बदला ...........................................|
रंग बदलती इन आँखों मैं पहले जैसा प्यार कहाँ ,
हंसी ठीटोली चंचल कोमल पहले सा मनुहार कहाँ ,
साथ साथ जो देखा था वो सपनो का संसार कहाँ ,
हीरे मोती की चाहत मैं अरमा मचल गए तो क्या |
मौसम बदला ...........................................|
मेरे आदर्शों को लेकर ,मन मैं वो साम्मान कहाँ ,
दिल की बातों से तुम्हारे चेहरे पर मुश्कान कहाँ ,
चाहत को जो समझ सको इतना तुमको ध्यान कहाँ ,
अल्पक तकती मेरी आंखें आंसू निकल गए तो क्या |
मौसम बदला दुनिया बदली तुम भी बदल गए तो क्या ,
चकाचौंध के अंधे दौर में आगे निकल गए तो क्या |
                              
                         भगवान सिंह रावत (स्वरचित)

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