पहचान
मायूस न हो अपनी पहचान को लेकर
खामोशी की भी अलग पहचान होती है।
यूँ ही नहीं आजाती बहार गुलशन में
दर्द में भी उनके चेहरे पे मुस्कान होती है।
वक़्त भले ही उम्र पर अपनी छाप छोड़ दे
जिद्द उनकी हमेशा जवान होती है।
विमुख ना होना अपने लक्ष्य से कभी
सत्कर्मों की सोच हमेशा महान होती है।
मुश्किलों का सैलाब तेरे कदम रोकेगा
कांटो भरी राहें कब आसान होती हैं।
झूठ बिना पैर के दौड़ने लग जाता है
सच्चाई अक्सर लहू लुहान होती है।
तराशने का हुनर हो तो बोल उठती है
कोई भी चीज जो बेजुबान होती है।
भगवान सिंह रावत
(स्वरचित)